Monday, May 11, 2015

राष्ट्रवाद

बसंत  x  पतजड़। 
दैह : शरीर , काया, तन। 
अक्षि :आँख। 
आटे दाल का भाव 
मालूम होना :कठोर 
सत्य का आभास होना। 
राष्ट्रवाद

उतार  x  चढाव। 
ग्राम : गाँव , देहात। 
अन्वेषक : खोज करने 
वाला। 
खून का प्यासा :
जानि दुश्मन।


राष्ट्रवाद

एड़ी  x  छोटी। 
गणेश : गजानन , 
विनायक , लम्बोदर ,
गौरिसुत। 
अनुपम : जिसकी 
उपमा न हो। 
खून के घुट पीना : 
गुस्से को अंदर ही 
अंदर सहन करना। 
राष्ट्रवाद

कपूत x  सपूत। 
गृह : भवन , घर, 
निकेतन , नीड़। 
असंदिग्ध : जिसमे 
संदेह न हो। 
खाक में मिलाना :
नष्ट करना। 
राष्ट्रवाद

आर्द्र  x  शुष्क। 
क्षति : हानि , नुकसान ,
घाटा। 
असाध्य : जिसका 
उपचार न हो। 
खाक छानना : इधर 
उधर भटकना। 
राष्ट्रवाद

आनंद x  शोक 
क्रंदन : रोना , रुदन ,
विलाप। 
अधोपन्त : आदि या 
आरंभ से अंत तक। 
खरी खोटी सुनाना :
भला बुरा कहना। 
राष्ट्रवाद

धैर्य  x  अधैर्य। 
किनारा : तट , तीर ,
कगार। 
अगोचर : जिसे देखा न 
जा सके.
अपना उल्लू सीधा करना 
: अपना काम निकालना 
या स्वार्थ सिद्ध करना।
राष्ट्रवाद

धर्म x  अधर्म। 
कोयल : कोकिला, पिक ,
श्यामा। 
अखाद्य : जो खाने 
योग्य न हो  । 
काम आना : शहीद होना। 
राष्ट्रवाद

सबल  x  निर्बल 
कृपा : अनुग्रह , दया , 
अनुकंपा। 
अकथनीय : जिसे कहा 
न जा सके। 
आसमान सर पर उठाना :
बहुत अधिक शोर मचाना 
राष्ट्रवाद

अनुराग  x  विराग। 
ऋण : क़र्ज़ ,उधार ,
कर्ज़ा , देय। 
हस्त्क्षेप : दुसरो 
के काम में दखल 
देना। 
चमड़ी  जाए पर 
दमड़ी न जाए :
अत्यधिक कंजूस होना। 
राष्ट्रवाद

अंधकार  x  प्रकाश। 
उददेश्य : ध्येय ,लक्ष्य ,मकसद 
मकसद। 
सनातन : युगों से चला 
आ रहा। 
चार चाँद लगाना :
प्रतिष्ठा बढ़ाना। 

राष्ट्रवाद

अतिवृष्टि x  अनावृष्टि। 
उपहार : भेंट , सौगात ,
तोहफा। 
शिरोधार्य :सिर पर धारण 
करने योग्य। 
अंधे के हाथ में बटेर 
लगना : अयोग्य व्यक्ति 
को कुछ ऐसा मिल जाना 
जिसके लायक वह नहीं 
है। 

राष्ट्रवाद

दया x निर्दयता। 
 आभूषण : अलंकार ,
जेवर , गहना। 
परावलंबी : दुसरो पर 
आश्रित रहनेवाला। 
कंधे से कंधा मिलाना :
सहयोग करना। 
राष्ट्रवाद

तरूण x  वृद्ध /
आश्चर्य : अचरज , 
विस्मय , हैरानी /
नवांगतुक : नया आया 
हुआ व्यक्ति /
ओखली मेँ सिर देना :
जानबूजकर मुसीबत 
मोल लेना। 

राष्ट्रवाद

ज़ोपड़ी x महल /
अनुपम : निरूपम , 
अनोखा , अपूर्व /
गोपनीय : छिपाने योग्य /
बंदर क्या जाने अदरक 
का स्वाद : मुर्ख व्यक्ति 
को गुणों की पहचान नही 
होती है /
राष्ट्रवाद 
ग्राहय x त्याज्य /
अतिथि : मेहमान, पहुनाा 
किकर्तव्यविमद : कुछ भी
निर्णय न कर पाने की 
अवस्था /
एक गंदी मछली सारा
तालाब गंदा कर देती है : 
एक द्रुष्ट व्यक्ति सारे 
वातावरण क़ो दूषित कर 
देता है /