राष्ट्रवाद
बसंत x पतजड़।
दैह : शरीर , काया, तन।
अक्षि :आँख।
आटे दाल का भाव
मालूम होना :कठोर
सत्य का आभास होना।
उतार x चढाव।
ग्राम : गाँव , देहात।
अन्वेषक : खोज करने
वाला।
खून का प्यासा :
जानि दुश्मन।
एड़ी x छोटी।
गणेश : गजानन ,
विनायक , लम्बोदर ,
गौरिसुत।
अनुपम : जिसकी
उपमा न हो।
खून के घुट पीना :
गुस्से को अंदर ही
अंदर सहन करना।
कपूत x सपूत।
गृह : भवन , घर,
निकेतन , नीड़।
असंदिग्ध : जिसमे
संदेह न हो।
खाक में मिलाना :
नष्ट करना।
आर्द्र x शुष्क।
क्षति : हानि , नुकसान ,
घाटा।
असाध्य : जिसका
उपचार न हो।
खाक छानना : इधर
उधर भटकना।
आनंद x शोक
क्रंदन : रोना , रुदन ,
विलाप।
अधोपन्त : आदि या
आरंभ से अंत तक।
खरी खोटी सुनाना :
भला बुरा कहना।
धैर्य x अधैर्य।
किनारा : तट , तीर ,
कगार।
अगोचर : जिसे देखा न
जा सके.
अपना उल्लू सीधा करना
: अपना काम निकालना
या स्वार्थ सिद्ध करना।
धर्म x अधर्म।
कोयल : कोकिला, पिक ,
श्यामा।
अखाद्य : जो खाने
योग्य न हो ।
काम आना : शहीद होना।
सबल x निर्बल
कृपा : अनुग्रह , दया ,
अनुकंपा।
अकथनीय : जिसे कहा
न जा सके।
आसमान सर पर उठाना :
बहुत अधिक शोर मचाना
अनुराग x विराग।
ऋण : क़र्ज़ ,उधार ,
कर्ज़ा , देय।
हस्त्क्षेप : दुसरो
के काम में दखल
देना।
चमड़ी जाए पर
दमड़ी न जाए :
अत्यधिक कंजूस होना।
अंधकार x प्रकाश।
उददेश्य : ध्येय ,लक्ष्य ,मकसद
मकसद।
सनातन : युगों से चला
आ रहा।
चार चाँद लगाना :
प्रतिष्ठा बढ़ाना।
अतिवृष्टि x अनावृष्टि।
उपहार : भेंट , सौगात ,
तोहफा।
शिरोधार्य :सिर पर धारण
करने योग्य।
अंधे के हाथ में बटेर
लगना : अयोग्य व्यक्ति
को कुछ ऐसा मिल जाना
जिसके लायक वह नहीं
है।
दया x निर्दयता।
आभूषण : अलंकार ,
जेवर , गहना।
परावलंबी : दुसरो पर
आश्रित रहनेवाला।
कंधे से कंधा मिलाना :
सहयोग करना।
तरूण x वृद्ध /
आश्चर्य : अचरज ,
विस्मय , हैरानी /
नवांगतुक : नया आया
हुआ व्यक्ति /
ओखली मेँ सिर देना :
जानबूजकर मुसीबत
मोल लेना।
ज़ोपड़ी x महल /
अनुपम : निरूपम ,
अनोखा , अपूर्व /
गोपनीय : छिपाने योग्य /
बंदर क्या जाने अदरक
का स्वाद : मुर्ख व्यक्ति
को गुणों की पहचान नही
होती है /
ग्राहय x त्याज्य /
अतिथि : मेहमान, पहुनाा
किकर्तव्यविमद : कुछ भी
निर्णय न कर पाने की
अवस्था /
एक गंदी मछली सारा
तालाब गंदा कर देती है :
एक द्रुष्ट व्यक्ति सारे
वातावरण क़ो दूषित कर
देता है /